कदम भला बहके कहाँ है शराब से,
ये तो बहके हैं करके इश्क़ एक गुलाब से...
सोचतीं हूँ तुम्हे अपने हर लम्हें में बसा लूँ !!
पराए हो तुम तुम्हे मैं अपना बना लूँ
पर कहीं मोहब्बत ना हो जाए तुमसे !!
ज़रा ठहरो तुम...मैं अपने दिल को समझा लूँ।
🖤🖤🖤🖤🖤
💫✨टपकती है निगाहों से... झलकती है अदाओं से,
मोहब्बत कौन कहता है की पहचानी नहीं जाती ?
हम से न हो सकेगी मोहब्बत की नुमाइश,
बस इतना जानते है तुम्हे चाहते है हम।
✨💫आ के मेरी साँसों में बिखर जाओ तो अच्छा होगा,
बन के रूह मेरे जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा होगा,
किसी रात तेरी गोद में सिर रख के सो जाऊं,
फिर उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा होगा।✨💫
💫✨किसी पत्थर में मूर्त है, कोई पत्थर की मूर्त है,
लो हम ने देख ली दुनिया, जो इतनी खूबसूरत है,
दुनिया अपना न समझे कभी पर मुझे खबर है,
कि तुझे मेरी ज़रूरत है और मुझे तेरी ज़रूरत है।💫
✨💫मोहब्बत भी शराब के नशा जैसी है दोस्तों,
करें तो मर जाएँ और छोड़े तो किधर जाएँ।✨💫
तेरी जरूरत है मुझे,
तुम इस बात को कब समझोगी,,
शायद तुम मुझे बिल्कुल भी नहीं चाहती,,,
उस दिन समझोगी मेरी अहमियत को,,,,
जिस दिन तुम मुझे खो देगी।।
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